मित्रों आज हम सभी NTPC Power Project of India के बारे में जानेंगे |
NTPC Power Project of India
NTPC का तात्पर्य “नेशनल थर्मल पॉवर कारपोरेशन“ है। NTPC भारत की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादन (PSU) कंपनी है| NTPC की स्थापना 1975 में भारत के विद्युत विकास में गति लाने के लिए की गई थी। आज के समय में NTPC भारत की एक प्रमुख ताप विद्युत कंपनी है, और यह विद्युत उत्पादन व्यापार की संपूर्ण मूल्य की श्रेणी में उपस्थिति के साथ एक विविधता वाली विद्युत कंपनी के रूप में उभर रही है। NTPC मई, 2010, को यह प्रतिष्ठा प्राप्त करने वाली सम्मानित चार कंपनियों में से, एक महारत्न कंपनी बन गई । फोर्ब्स सूची में ‘’वर्ष 2023 के लिए विश्व की 2000 सबसे बड़ी कंपनियों में NTPC का 433 वां स्थान है।
NTPC full form :-
National Thermal Power Corporation.
NTPC Power Project की कुल उत्पादन क्षमता 76,708 MW जिसमें देश भर में स्थित 27 कोयला आधारित और 7 गैस आधारित स्टेशन शामिल हैं। संयुक्त उद्यम के तहत 9 स्टेशन कोयला आधारित हैं तथा 12 अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं भी है । कंपनी ने वर्ष 2032 तक 1,28,000 मेगावाट की स्थापित विद्युत् क्षमता पैदा करने का लक्ष्य स्थापित किया है । इस क्षमता में विविध मिश्रित ईंधन होंगे जिसमे शामिल है 56% कोयला, 16% गैस, 11% परमाणु ऊर्जा, और हाइड्रो सहित 17% नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत । वर्ष 2032 तक, गैर जीवाश्म ईंधन आधारित उत्पादन क्षमता NTPC की पोर्टफोलियो का लगभग 30% होगी।
NTPC Power Project के संयंत्र उच्च दक्षता स्तरों पर प्रचालित किए जाते हैं। NTPC की कुल राष्ट्रीय क्षमता की 17.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है, तथा कुल विद्युत उत्पादन में 25.91 प्रतिशत का योगदान देता है।
NTPC Power Project, इंजीनियरिंग क्षेत्र की बड़ी कंपनी है, जिसमें अधिक संख्या में मैन पावर की आवश्यकता पड़ती है। इन्हें कई श्रेणी में बांटा गया है | जैसे इंजिनियर , तकनीशियन , हेल्पर इत्यादि |
तकनीशियन में फिटर , इलेक्ट्रीशियन , वेल्डर, टर्नर, मशीनिस्ट ,प्लम्बर इत्यादि की आवश्यकता पड़ती है| NTPC Power Project, समय-समय पर विभाग से प्रशिक्षण तथा नौकरी के विज्ञापन जारी करता है, जिसमें ITI के पास हुए Trainees की मांग होती है ।
कोयला आधारित विद्युत स्टेशन
NTPC 27 कोयला आधारित विद्युत स्टेशनों के साथ भारत की सबसे बड़ी तापीय विद्युत उत्पादन कंपनी है। कंपनी में कोयला आधारित संस्थापित क्षमता 53,850 मेगावॉट है।
27 कोयला आधारित विद्युत स्टेशनों के साथ, एनटीपीसी देश की सबसे बड़ी तापीय विद्युत उत्पादन कंपनी है। कंपनी की कोयला आधारित स्थापित क्षमता संयुक्त उपक्रम के साथ 76,708 मेगावाट है।
| क्रम सं. | स्टेशन | राज्य | चालू की गई क्षमता (मेगावाट) |
|---|---|---|---|
| 1. | बरौनी | बिहार | 500 |
| 2. | बाढ़ | बिहार | 2640 |
| 3. | बोंगाईगांव | असम | 750 |
| 4. | दादरी | उत्तर प्रदेश | 1,820 |
| 5. | दर्लीपल्ली | ओडिशा | 1,600 |
| 6. | फरक्का | पश्चिम बंगाल | 2,100 |
| 7. | फिरोज गांधी, ऊंचाहार | उत्तर प्रदेश | 1,550 |
| 8. | गडरवारा | मध्य प्रदेश | 1600 |
| 9. | कहलगांव | बिहार | 2,340 |
| 10. | कांटी | बिहार | 390 |
| 11. | खरगोन | मध्य प्रदेश | 1,320 |
| 12. | कोरबा | छत्तीसगढ | 2,600 |
| 13. | कुडगी | कर्नाटक | 2,400 |
| 14. | लारा | छत्तीसगढ | 1,600 |
| 15. | मौदा | महाराष्ट्र | 2,320 |
| 16. | नबीनगर -एनपीजीसी | बिहार | 1,980 |
| 17. | नार्थ करणपुरा | झारखंड | 1,320 |
| 18. | रामागुंडम | तेलंगाना | 2,600 |
| 19. | रिहंद | उत्तर प्रदेश | 3,000 |
| 20. | सिम्हाद्री | आंध्र प्रदेश | 2,000 |
| 21. | सिंगरौली | उत्तर प्रदेश | 2,000 |
| 22. | सीपत | छत्तीसगढ | 2,980 |
| 23. | सोलापुर | महाराष्ट्र | 1320 |
| 24. | तलचर कनिहा | ओडिशा | 3,000 |
| 25. | टांडा | उत्तर प्रदेश | 1,760 |
| 26. | तेलंगाना | तेलंगाना | 1600 |
| 27. | विंध्याचल | मध्य प्रदेश | 4,760 |
| कुल | 53,850 | ||
गैस आधारित विद्युत् स्टेशन
एनटीपीसी गैस आधारित बिजली स्टेशनों का विवरण इस प्रकार है :-
| क्रम. सं. | स्टेशन | राज्य | चालू की गई क्षमता (मेगावाट) |
|---|---|---|---|
| 1. | अंटा | राजस्थान | 419 |
| 2. | औरैया | उत्तर प्रदेश | 663 |
| 3. | दादरी | उत्तर प्रदेश | 830 |
| 4. | फरीदाबाद | हरयाणा | 432 |
| 5. | झानोर -गांधार | गुजरात | 657 |
| 6. | Kawas | गुजरात | 656 |
| 7. | राजीव गांधी सीसीपीपी कायमकुलम | केरल | 360 |
| कुल | 4,017 | ||
सौर ऊर्जा आधारित विद्युत् स्टेशन
|
क्रम. सं. |
परियोजना |
राज्य/ संघ राज्यक्षेत्र |
क्षमता (मेगावाट) |
|
क |
सौर |
|
|
|
1. |
अन्ता |
राजस्थान |
90 |
|
2. |
औरैया |
उत्तर प्रदेश |
20 |
|
3. |
औरैया एफएस |
उत्तर प्रदेश |
20 |
|
4. |
दादरी |
उत्तर प्रदेश |
5 |
|
5. |
फरीदाबाद |
हरियाणा |
5 |
|
6. |
गंधार |
गुजरात |
20 |
|
7. |
कवास |
गुजरात |
56 |
|
8. |
कायमकुलम एफएस |
केरल |
92 |
|
9. |
पोर्ट ब्लेयर |
अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह |
5 |
|
10. |
रामागुंडम |
तेलंगाना |
10 |
|
11. |
रामागुंडम एफएस |
तेलंगाना |
100 |
|
12. |
सिम्हाद्री एफएस |
आंध्र प्रदेश |
25 |
|
13. |
सिंगरौली |
उत्तर प्रदेश |
15 |
|
14. |
सोलापुर |
महाराष्ट्र |
10 |
|
15. |
तलचर कनिहा |
ओडिशा |
10 |
|
16. |
ऊंचाहार |
उत्तर प्रदेश |
10 |
|
ख |
लघु हाइड्रो |
||
|
17. |
विंध्यांचल |
मध्य प्रदेश |
8 |
|
|
कुल |
501 |
एनटीपीसी ने दीर्घकालिक धारणीयता के लिए एक संतुलित पोर्टफोलियो हेतु जल विद्युत विकास पर बल दिए जाने को बढ़ाया है। इस दिशा में पहला कदम हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर स्थित कोलडैम जल विद्युत विद्युत परियोजना में निवेश शुरू करके उठाया गया था। अन्य जलविद्युत परियोजना निर्माणाधीन हैं – तपोवन विष्णुगढ़, लता तपोवन , रम्माम ।।।, टीएचडीसी-विष्णुगढ़ पीपलकोटी , टीएचडीसी-टिहरी पीएसपी और नीपको- कामेंग ।
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